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Spiti Valley Himachal Pradesh | स्पीति घाटी ” एक ठंडी रेगिस्तानी पहाड़ी घाटी “

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Spiti Valley Himachal Pradesh | स्पीति घाटी हिमाचल प्रदेश

 

स्पीति घाटी, उतरी भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश के उत्तर पूर्वी भाग में, हिमालय में स्थित एक ठंडी रेगिस्तानी पहाड़ी घाटी है। “स्पीति” शब्द का अर्थ होता है “मध्य भूमि” अर्थात तिब्बत और भारत के बीच का भूभाग।

यहां के स्थानीय निवासी वज्रयान बौद्ध धर्म को मानते हैं।
लाहौल और स्पीति जिले मे चारो और ऊँचे ऊँचे पर्वत है । 13054 फीट पर रोहतांग दर्रा, लाहौल और स्पीति को कुल्लू घाटी से अलग करता है। 15059 फीट की ऊंचाई पर कुंजुम दर्रे से लाहौल और स्पीति एक दूसरे से कटे हुए हैं।

स्पीति घाटी वर्ष के 8 महीने भारी हिमपात की वजह से उत्तर से पूरी तरह कट जाती है।

स्पीति घाटी बौद्धों के लिए एक शोध संस्थान और सांस्कृतिक केंद्र है। हाइलाइट्स में प्रमुख मठ और ताबो मठ शामिल है, जो दुनिया के सबसे पुराने मठों में से एक है और दलाई लामा का पसंदीदा भी है। यहां पर पाप और हाईवे जैसी भारतीय फिल्मों की शूटिंग हुई थी।

 

Spiti Valley में दर्शनीय स्थल

 

Chandratal lake Spiti Valley चंद्रताल लेक स्पीति वैली

 

चंद्रताल झील या मून लेक सुदूर पहाड़ों के बीच एक बेहद खूबसूरत और रमणीय शांत जल निकाय है।

चंद्रताल झील का यह नाम इसकी अर्धचंद्राकार आकृति के कारण इसे मिला है। यह झील, स्पीति घाटी के बर्फ से ढके ठंडे बंजर पहाड़ों की खूबसूरती को और अधिक बढ़ा देती है।

स्पीति घाटी के खूबसूरत पहाड़ों के बीच बनी यह झील लगभग 2.5 किलोमीटर चोड़ी मीठे पानी की झील है, जो दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

यह झील 14100 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। और स्पीति घाटी में कुंजुम दर्रे से 9 किलोमीटर की दूरी पर बनी हुई है।

पहाड़ों से घिरी यह चंद्रताल झील आपको रोमांच से भर देगी और आपके मन मस्तिष्क में एक सुनहरी याद के रूप में हमेशा हमेशा के लिए बस जाएगी।

 

Dhankar monastery Spiti Valley धनकड मठ स्पीति वैली

 

स्पिति में धनकड़ मठ को देखकर आप प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाएंगे। क्योंकि यह लगभग एक चोटी की नोक पर लटका हुआ या बना हुआ प्रतीत होता है। और आपको यह देखकर अचरज होगा कि भिक्षुओं ने ऐसे मठों के निर्माण के लिए इस तरह की जगह को क्यों चुना। वह इन शिखरों पर कैसे पहुंचे। जबकि यहां तक पहुंचने के लिए किसी प्रकार की कोई सड़क भी नहीं थी।

3900 फीट की ऊंचाई पर स्थित धनकर मठ स्पीति घाटी में ऐसे मठों के बेहतरीन उदाहरणों में से एक है। एक टेडी मेडी सड़क आपको मठ के आधार तक ले जाती है, जहां आप खुद को एक प्राचीन स्थान पर खड़ा पाएंगे। जहां कभी भिक्षुओं ने शांत मन से सदियों से, निर्बाध रुप से प्रार्थना की है।

अतीत में धनकर मठ एक किले का हिस्सा था। वास्तव में धनकड़ शब्द का अर्थ स्थानीय भाषा में ‘किला ‘ होता है।

 17 वी सदी के दौरान यह स्पीति घाटी की राजधानी थी। मठ वर्तमान में काफी जर्जर स्थिति में है और एक समय में 20 से अधिक लोगों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। मठ की छत पर एक बार में केवल 3 लोगों को जाने की अनुमति है। मठ से आप धनकड़ झील तक जा सकते हैं जो मठ से भी अधिक ऊंचाई पर स्थित है। यह एक बेहद शांत और मनोरम स्थान है जहां आने पर आपको आध्यात्मिक शांति का एहसास होगा।

 

Kaza Spiti Valley काजा स्पीति वैली

 

काजा हिमाचल प्रदेश के स्पीति और लाहौर जिले में स्पीति घाटी की राजधानी है। यह स्पीति का एक अच्छी तरह से विकसित शहर है जो ट्रैकिंग शिविरों के लिए प्रसिद्ध है और किब्बर और लंगजा जैसे गांव के दौरे के लिए प्रारंभिक बिंदु है।

 यह पर्यटन स्थल दो भागों में बटा हुआ है। एक भाग न्यू काजा के नाम से जाना जाता है, जिसमें सरकारी कार्यालय और आधुनिक रेस्तरां है। और दूसरा भाग पुराना काजा है, जिसमें प्रसिद्ध आकर्षण और पुराना बाजार है।

 घूमने के लिए दर्शनीय स्थल शाक्य तंगूद मठ, लंगजा बुद्ध प्रतिमा, कॉमिक मठ और भी बहुत कुछ है। पर्यटक यहां पर ट्रैकिंग गाइड और पोर्ट्स भी पा सकते हैं।

 काजा एक प्रकार का सूखा रेगिस्तान जैसा है। इसलिए यहां साल के किसी भी महीने में, किसी भी समय पर जाया जा सकता है। गर्मियों में घूमने के लिए यह एक बेहतर स्थान है, जबकि सर्दियों में यहां का तापमान काफी कम हो जाता है। यहां तक की माइनस में चला जाता है। 

एडवेंचर के शौकीन व्यक्ति यहां पर माउंटेन बाइकिंग, लॉन्ग ड्राइव और ऊबड़ खाबड़ पहाड़ों की सैर कर सकते हैं। यहां पर स्थानीय बाजार से स्पीति चाय और डाईन थूकपा की खरीदारी कर सकते हैं

 

Kye gompa Spiti Valley काई गोंपा स्पीति वैली

 

काई गोंपा, गेलुगपा संप्रदाय का एक तिब्बती बौद्ध मठ है, जो समुद्र तल से 4166 मीटर यानी 13668 फीट की ऊंचाई पर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और स्पीति नदी के नजदीक है। यह स्पीति घाटी का सबसे बड़ा और सबसे पुराना मठ है तथा नामाओं के लिए यह एक धार्मिक प्रशिक्षण केंद्र है। यह काजा के उत्तर में लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर है।

मठ की दीवारें चित्रों और भित्ति चित्रों से ढकी हुई है जो लगभग 14वी शताब्दी की मठवासी वास्तुकला का एक

 अनुपम उदाहरण है जो चीनी प्रभाव के परिणामस्वरूप विकसित हुई थी। काई मठ में बुद्ध के चित्रों सहित प्राचीन भित्ति चित्र और पुस्तकों का बेहतरीन संग्रह है।

 

Komic village Spiti Valley कॉमिक गांव स्पीति वैली

 

कॉमिक गांव जिसका शाब्दिक अर्थ है ” बर्फीले मुर्गे की आंख ” स्पीति घाटी में कॉमिक गांव एक दूरस्थ गांव हैं, जहां मोटर वाहन आदि चलने के लिए सड़क बनी हुई है। और यहां पर जो स्पीति की यात्रा करने आते हैं उनमें से अधिकांश पर्यटक कॉमिक गांव की भी यात्रा करते हैं।

 कॉमिक गांव समुद्र तल से 15027 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। गांव के पास बहुत से महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय स्थान है जहां घूमा जा सकता है। जैसे

 लंगजा गांव है जिसे “भारत का जीवाश्म गांव” भी कहा जाता है और हिक्किम गांव जिसे “डाकघर वाला सबसे ऊंचा गांव” कहा जाता है, यह शामिल है। हिमाचल प्रदेश की शानदार चोटियों के बीच बसे इन सुंदर और प्राकृतिक स्थानों की सुंदरता को शब्दों में वर्णित कर पाना बेहद मुश्किल है। इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है, वहां जाकर, बेहद करीब से। बर्फ से ढके पहाड़ों और राजसी घाटियों से घिरा यह कॉमिक गांव अनगिनत पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है जो आश्चर्यजनक सुंदरता और यहां की संस्कृति का अनुभव कराता है। आपको बस इतना करना है कि यहां आए और इस सुंदर घाटी के रमणीय दृश्यों को देखें।

 

Kunzum pass Spiti Valley कुंजुम दर्रा स्पीति वैली

 

कुंजुम दर्रा लगभग 14931 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह हिमालय के पूर्वी कुंजुम रेंज में एक उच्च पर्वतीय दर्रा है। यह लाहौल घाटी और स्पीति घाटी को आपस में जोड़ता है। यह लाहौल में ग्राम्फु से स्पीति के उपखंड मुख्यालय काजा के मार्ग पर है और यह काजा से लगभग 79 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

 कुंजुम दर्रा आमतौर पर जून जुलाई से अक्टूबर नवबर तक खुला रहता है

 यहां पर आने वाले यात्री पहले कुंजुम माता का आशीर्वाद लेते हैं। कुंजुम दर्रे से चंद्रताल या मून लेक की दूरी लगभग 15 किलोमीटर की है जो कि एक बेहतरीन ट्रैक है।

 

Langza village Spiti Valley लंगजा गांव स्पीति वैली

 

14500 फीट या 4420 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लंगजा गांव हिमाचल प्रदेश के सुदूर इलाके में भारत के सबसे दूरस्थ गांवो में से एक है।

 पहाड़ियों से घिरे हुए ग्रीन फील्ड्स और तिब्बती शैली की वास्तुकला से निर्मित विशिष्ट घर लंगजा गांव की खूबसूरती को दिखाते हैं। और जब आप बर्फ से ढकी चोटियों के साथ इन घरों की लुभावनी तस्वीरें अपने कैमरे में कैद करते हैं तो यह खूबसूरत दृश्य आपकी बेहतरीन यादों को बनाता है।

 स्पिशियन गांवो को भौगोलिक रूप से ऊपरी और निचले हिस्सों में सीमांकित किया गया है।

 गांव के निचले हिस्से को लेंग्जा योंगमा कहा जाता है और ऊपरी हिस्से को लेंगज़ा गोंगमा कहा जाता है।

 लेंगजा गोंगमा में “लैंग” स्थानीय गांव का मंदिर है। गांव की रखवाली करते हुए भगवान बुद्ध की एक विशाल प्रतिमा यहां की सबसे ऊंची संरचना है। गांव की एक और खास विशेषता “चाऊ चाऊ कांग नीलदा घाटी ” है, जो कि बेहद आकर्षक और रमणीय है।

 

Pin Valley National Park Spiti Valley पिन वैली नेशनल पार्क स्पीति वैली

 

पिन वैली नेशनल पार्क लाहौल और स्पीति जिले में कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व में स्थित है। 

इस पार्क की स्थापना 1987 में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कंजर्वेशन एरिया के एक हिस्से के रूप में की गई थी। पार्क की ऊंचाई लगभग 3500 मीटर से लेकर इसके शिखर पर 6000 मीटर से अधिक तक है।

 ऐतिहासिक और वर्तमान बोध तिब्बती संस्कृति में डूबे हुए इस क्षेत्र में कई तिब्बती बौद्ध प्रभाव हैं जो कि स्पष्ट रूप से मठों और स्तूपो में और यहां के निवासियों के दैनिक जीवन में नजर आते हैं।

पिन वैली नेशनल पार्क में हिमालयन तेंदुए की दुर्लभ प्रजातियां और दुर्लभ आइबैक्स पाए जाते हैं।

 यह राष्ट्रीय उद्यान अपने अविश्वसनीय ट्रैक के लिए प्रसिद्ध है।

 इस पार्क कोर जोन 675 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, जबकि इसका बफर जोन लगभग 1150 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।

 यहां अल्पाइन के पेड़ और हिमालय देवदार के पेड़ बहुतायत में मिल जाएंगे। गर्मियों में यहां हिमालय स्नोकॉक, चूकर पोर्ट्रीज, स्नो पोर्ट्रिज और स्नो फिंच जैसे दुर्लभ पक्षी दिखाई दे जाएंगे।

पिन वैली नेशनल पार्क उन लोगों के लिए पसंदीदा जगह है जिन्हें उबड़ खाबड़ इलाकों में ट्रेकिंग करना पसंद है।

 पिन वैली नेशनल पार्क की यात्रा के लिए मई से सितंबर का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि पार्क के आसपास के क्षेत्र में सर्दियों में भारी बर्फबारी होती है।

 

Tabo monastery Spiti Valley ताबो मठ स्पीति वैली

 

ताबो मठ, स्पीति घाटी हिमाचल प्रदेश उत्तरी भारत के ताबो गांव में स्थित है। इसकी स्थापना 996 ईस्वी में हुई थी। ताबो को भारत और हिमालय दोनों में सबसे पुराना, लगातार संचालित बोध एंक्लेव होने के लिए जाना जाता है।

 इसकी दीवारों पर प्रदर्शित बड़ी संख्या में भित्ति चित्र बौद्ध देवताओं की कहानियों को दर्शाते हैं। यहां पेंटिंग्स, पांडुलिपि और व्यापक भित्ति चित्रों के कई अमूल्य संग्रह हैं, जो लगभग हर दीवार दिखाई दे जाएंगे। मठ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा भारत के राष्ट्रीय एतिहासिक खजाने के रूप में संरक्षित है।

यहां पर अंकित चित्र मूल रूप से हिमालय क्षेत्र की संस्कृति और इतिहास को दर्शाते हैं। भित्ति चित्रों से पता चलता है कि यह स्थान दो संस्कृतियों, तिब्बती और भारतीय संस्कृति का मिलन है। मठ के ऊपर गुफाएं और चट्टान जैसी संरचनाएं हैं, जिनका उपयोग भिक्षु ध्यान के लिए करते हैं।

 ताबो मठ परिसर में 23 चौके हैं। परिसर के भीतर 9 मंदिरों के उनके उपयोग के आधार पर अलग-अलग नाम हैं।

 

Spiti Valley map

 

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