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Himachal Pradesh

kullu places to visit | कुल्लू , एक खूबसूरत प्राकृतिक दर्शनीय स्थल

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kullu places to visit | कुल्लू के पर्यटन स्थल

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( kullu places to visit )कुल्लू भारत के पर्यटन स्थलों में सबसे प्रमुख और साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से सबसे खूबसूरत और रमणीय स्थान है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक है। बर्फ से ढके पहाड़, पाइन और देवदार के घने जंगल, बहती हुई नदियां कुल्लू को मनोरम स्थान बनाती है। साथ ही यहां पर स्थित हिंदुओं, सिखों और बौद्ध धर्म के तीर्थ स्थल इसे आस्था का प्रमुख केंद्र भी बनाती है। इसीलिए कुल्लू को ‘देवताओं की घाटी ‘ भी कहा जाता है। साथ ही यहां पर एडवेंचर से संबंधित गतिविधियां जैसे राफ्टिंग, पर्वतारोहण, पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग आदि भी होती है जो पर्यटकों को इस स्थल के लिए आकर्षित करती है। तो आज के इस लेख में हम कुल्लू के प्रमुख पर्यटन स्थलों ( kullu places to visit ) को जानते हैं।

Great Himalayan National park Kullu Manali ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कुल्लू मनाली

 

( kullu places to visit )
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, कुल्लू, मनाली और इसके आसपास के क्षेत्रों में घूमने ( kullu places to visit ) के लिए सबसे बेहतरीन और आकर्षक जगहों में से एक है । यह राष्ट्रीय उद्यान लगभग 700 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में सुरक्षित है। यह पार्क कई दुर्लभ प्रजातियों और पक्षियों का घर है। यहां पर स्नो लेपर्ड एक प्रमुख शिकारी के रूप में पाया जाता है, और यहां हिमालय तहर और भूरे भालू भी देखे जा सकते हैं। अगर आप कुल्लू मनाली की यात्रा पर हैं तो यहां घूमना आपके लिए एक सुखद अनुभव हो सकता है।

Raghunath Mandir Kullu| आस्था से सराबोर रघुनाथ मंदिर कुल्लू

( kullu places to visit )
17 वी शताब्दी में कुल्लू के राजा जगत सिंह ने अपने पाप का प्रायश्चित करने के लिए अयोध्या से भगवान रघुनाथ की एक मूर्ति मंगवाई तथा कुल्लू में एक भव्य मंदिर का निर्माण कर इस मूर्ति को स्थापित करवाया। यह मूर्ति यहां के स्थानीय लोगों के लिए बहुत ही पूजनीय है तथा किसी प्रकार की भी प्राकृतिक आपदा आने पर वे भगवान रघुनाथ से रक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं। रघुनाथ मंदिर एक भव्य आकर्षक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करने वाला स्थान है, जहां आकर आप आस्था से सराबोर हो जाएंगे। यहां पर हर साल अंतरराष्ट्रीय दशहरा मेला भगवान रघुनाथ जी के सम्मान में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।

Shringi Rishi Mandir banjar Kullu श्रृंगी ऋषि मंदिर बंजार कुल्लूू

( kullu places to visit )
कुल्लू से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर बंजार घाटी है, जहां श्रृंगी ऋषि का मंदिर है। श्रृंग ऋषि, बंजार घाटी के अधिपति देवता माने जाते हैं। वास्तव में अयोध्या पुरी से कुल्लू घाटी में भगवान राम के आगमन से पहले भगवान श्रृंगी ही कुल्लू के शासक देवता थे। श्रृंगी ऋषि, कुल्लू घाटी के “अथारा कार्डू” यानी 18 प्रमुख देवताओं में से एक हैं। श्रृंगी ऋषि मंदिर स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, और उनका मानना है कि यह देवता ही उनकी रक्षा करते हैं। यह मंदिर श्रृंगी ऋषि को समर्पित है, जो कश्यप वंश के महान संत थे। श्रृंगी ऋषि रामायण काल के महान संत थे और उनके पिता संत विभंडक ऋषि थे। साल में एक बार मई के महीने में हर साल हजारों तीर्थयात्री यहां भगवान श्रृंग के दर्शन करने आते हैं। बाकी समय घने बर्फ से ढके रहने के कारण यह स्थान दुर्गम रहता है।

Mata Vaishno mahaDevi tirth Kullu माता वैष्णो महादेवी तीर्थ कुल्लू

( kullu places to visit )
महादेवी तीर्थ मंदिर को वैष्णो देवी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर कुल्लू से 3.5 किलोमीटर, मनाली से 36.5 किलोमीटर और नगर से 19 किलोमीटर की दूरी पर, कुल्लू मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 पर स्थित है।
यह तीर्थ देवी पार्वती के नाम पर, व्यास नदी के तट पर स्थित है। यहां पर एक छोटी सी गुफा में वैष्णो देवी की मूर्ति स्थापित है। इस भव्य मंदिर का निर्माण वर्ष 1966 में स्वामी सेवक दास जी महाराज नामक संत ने करवाया था। महादेवी तीर्थ की नींव 1962 में रखी गई थी, जब स्वामी सेवक दास जी महाराज शाश्वत शांति की तलाश में इस स्थान पर आए और पहाड़ों में महादेवी का निवास पाया। तीर्थ यात्रियों के रात भर ठहरने के लिए यहां पर प्रबंधन के द्वारा मुफ्त लंगर चलाया जाता है। वैष्णो देवी मंदिर के किनारे पर बहने वाली व्यास नदी एक बहुत ही मनमोहक दृश्य पैदा करती है। यह एक बहुत ही खूबसूरत और एक लुभावना स्थान है जो आपको आकर्षित करता है।

Bijali Mahadev Mandir | भगवान शिव को समर्पित बिजली महादेव मंदिर

( kullu places to visit )
बिजली महादेव मंदिर, हिमाचल प्रदेश में कुल्लू से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर और मनाली से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर राज्य के पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। यह कुल्लू घाटी में लगभग 2460 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है ।
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है तथा मथल हिल पर स्थित है। और पार्वती, गरसा, भुंतर और कुल्लू पहाड़ियों से घिरा हुआ है जो एक मनोरम दृश्य पैदा करता है। बिजली महादेव मंदिर का रास्ता हिमाचल के सबसे अच्छे रास्तों में से एक है।
 मंदिर अपने 60 फीट ऊंचे झंडे के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि बिजली की हर चमक के साथ शिवलिंग टुकड़े-टुकड़े हो जाता है। शिवलिंग के टूटे हुए टुकड़ों को मंदिर के पुजारी ने मक्खन और सत्तू का उपयोग करके एक साथ बांधा था। यह गतिविधि हर साल एक बार खुद को दोहराती है। इसकी किवंदती के कारण ही मंदिर का नाम बिजली महादेव रखा गया।
 यह मंदिर पहाड़ी शैली में बनाया गया था और मंदिर के प्रवेश द्वार पर नंदी की एक नक्काशीदार खूबसूरत मूर्ति बनी हुई है। मंदिर के दरवाजों को भी मूर्तियों से उकेरा गया है। यह मंदिर वास्तु कला से परिपूर्ण, आठवीं शताब्दी में बनाया गया था। मंदिर में पूजा की सामग्री बिना किसी अतिरिक्त लागत के मंदिर के अंदर ही मिल जाती है। मंदिर का जो परिवेश है वह काफी दर्शनीय है तथा आकर्षण पैदा करने वाला है। मंदिर से नीचे की तरफ कुल्लू और पार्वती घाटियों का मनोरम दृश्य दिखाई पड़ता है।
 इस मंदिर तक चांसेरी गांव का रास्ता 3 किलोमीटर लंबा है जो कि बहुत ही रोमांचक अनुभव देने वाला है। और बीच में तीन चार जगह रुकने की व्यवस्था भी है जहां आपको छोटी-छोटी दुकानें मिल जाएंगी। कुल्लू से बस या टैक्सी के द्वारा चंसारी गांव पहुंचा जा सकता है। यहां पर साल में एक बार मेले का आयोजन भी होता है, जो तीर्थ यात्रियों के लिए काफी लोकप्रिय है।

Dussehra festival Kullu  शानदार और भव्य दशहरा त्योहार कुल्लू

 
( kullu places to visit )
कुल्लू में दशहरे का त्यौहार बहुत ही शानदार तरीके से मनाया जाता है । यह उत्सव विजयादशमी के दिन शुरू होता है। यह समारोह अक्टूबर के महीने में ढालपुर मैदान पर आयोजित किया जाता है  और इस समारोह में दुनिया भर से लोग आते हैं। कुल्लू में दशहरे का पर्व राज्य की संस्कृति, धर्म और आस्था को दिखाता है और साथ ही इस रमणीय स्थान की सुंदरता को सांस्कृतिक रंग में रंग देता है।

Khir Ganga Kullu खीरगंगा कुल्लू

( kullu places to visit )
खीरगंगा कुल्लू जिले में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत स्थान है जो ट्रेकिंग के लिए जाना जाता है। यह तीर्थ नगरी मणिकरण से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित है। खीरगंगा में ट्रैकिंग, कैंपिंग, लैंडस्केप, फोटोग्राफी आदि का अनुभव ले सकते हैं। खीरगंगा पहुंचने के लिए बर्षेणी से खीरगंगा तक पैदल चलने में 4 घंटे का समय लगता है और इस ट्रैकिंग के दौरान बहुत से खूबसूरत दर्शनीय स्थल और गांव रास्ते में पढ़ते हैं जैसे रुद्रनाथ,  और सर्प के आकार का झरना देखने को मिलता है। यहां पर एक की गर्म पानी का झरना भी है जो अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। खीरगंगा के पास सड़क के किनारे कुछ रेस्तरां है जहां भारतीय और चीनी शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजन मिल जाएंगे हैं।

Tirthan ghati Kullu तीर्थन घाटी कुल्लू

( kullu places to visit )
तीर्थन घाटी कुल्लू में एक बहुत ही खूबसूरत और मनोरम स्थान है, जहां लोग प्रकृति के सौंदर्य को देखने आते हैं। यहां पर बहती हुई नदियां, हरी-भरी घाटियां, झीलें आदि बहुत ही खूबसूरत प्राकृतिक नजारे देखने को मिल जाएंगे।साथ ही यहां पर ट्राउट फिशिंग, रेप्लिंग और रॉक क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियां भी की जा सकती है।

Manikaran Sahib Kullu मणिकरण साहिब कुल्लू

( kullu places to visit )
कुल्लू जिले में पार्वती नदी के किनारे, पार्वती घाटी में सिखों और हिंदुओं दोनों के लिए ही मणिकरण साहिब बहुत ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां पर स्थित गर्म पानी के झरने और यहां का खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को अपनी और आकर्षित करता है। यहां पर स्थित मंदिर और गुरुद्वारे इस जगह को और भी अधिक धार्मिक और पवित्र स्थान बनाते हैं। मणिकरण साहिब गुरुद्वारा सिखों और हिंदुओं दोनों के लिए ही एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।

Kaisdhar Kullu  खूबसूरत स्थल केस धर कुल्लू

 
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केस धर एक बहुत ही खूबसूरत और रमणीय स्थल है जोकि कुल्लू के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यह स्थान कुल्लू से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर खजियार में स्थित है। केस धर में बहुत से शानदार दृश्य, घने देवदार के वृक्ष और प्राकृतिक सौंदर्य देखने को मिल जाएगा। ट्रेकिंग के लिए यह एक बेहतरीन स्थान है।

Hanogi Mata Mandir एक पवित्र स्थल हनोगी माता मंदिर

( kullu places to visit )
हनोगी माता का मंदिर कुल्लू का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर एक छोटी सी पहाड़ी पर स्थित है। हिंदू देवी माता हनोगी को समर्पित यह मंदिर बहुत ही पवित्र स्थान माना जाता है। यहां पर घनी पहाड़ियां और बहती हुई नदी इस मंदिर की खूबसूरती को और भी अधिक आकर्षक बना देती है।

kullu mein rukne ki jagah कुल्लू  में रुकने की जगह

कुल्लू में बहुत सारे होटल हैं, जो कि अपनी अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध है। जहां आपको खाने की, रहने की, पार्किंग की, सारी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। इन होटलों को आप ऑनलाइन भी बुक करवा सकते हैं या फिर आप वहां जाकर भी रूम ले सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

kullu mein ghumne kab jaaye कुल्लू में घूमने का सही समय क्या है ?

कुल्लू एक बेहद खूबसूरत और मनमोहक क्षेत्र है तो किसी भी समय और किसी भी महीने कुल्लू में अगर आप जाते हैं, तो आपको बहुत ही खूबसूरत मौसम देखने को मिलेगा । लेकिन कुल्लू घूमने के लिहाज से सबसे अच्छे महीने मार्च से जून तक माने जाते हैं और अगर आप बर्फबारी देखने की इच्छा रखते हैं, तो दिसंबर से फरवरी तक का समय आपके लिए सही रहेगा। कुल्लू में मानसून के मौसम में जाने से बचना चाहिए क्योंकि इस समय भूस्खलन की संभावना अधिक रहती है।

Kullu kaise pahunche कुल्लू केसे पहुंचे

Air वायु मार्ग

कुल्लू का  निकटतम हवा हवाई अड्डा  भुंतर शहर में है और यह कुल्लू शहर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां के लिए इंडियन एयरलाइंस और अन्य निजी एयरलाइंस नियमित रूप से उड़ान भरते हैं। 
By road सड़क मार्ग
कुल्लू पहुंचने के लिए दिल्ली से से चंडीगढ़ तक और वहां से कुल्लू तक बस एक बेहतर विकल्प है। बस द्वारा दिल्ली से चंडीगढ़ की सड़क दूरी 260 किलोमीटर और चंडीगढ़ से कुल्लू की दूरी 252 किलोमीटर है।
रेल मार्ग
कुल्लू में अब तक कोई रेल ट्रैक नहीं है।

kullu map कुल्लू मैप

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