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Chamba Himachal Pradesh | चंबा , एक खूबसूरत पहाड़ी इलाका

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Chamba Himachal Pradesh चंबा हिमाचल प्रदेश

 

(Chamba)चंबा शहर, चंबा जिले का मुख्यालय है। इसकी औसत ऊंचाई 1006 मीटर यानी 3301 फीट है।

(Chamba)चंबा शहर रावी नदी के तट पर स्थित है। यहां रावी नदी और उसकी सहायक नदी साल नदी का संगम है।

इसके पूर्वी हिस्से में शाह मदार पहाड़ी है। वसंत ऋतु और गर्मियों के महीने में बर्फ पिघलने से इस नदी में जल का स्तर काफी बढ़ जाता है और कई बार तो बाढ़ आने तक का खतरा पैदा हो जाता है।

 यह शहर दक्षिण में धौलाधार और पीर पंजाल पर्वत मालाओं से घिरा हुआ है।

(Chamba)चंबा एक पहाड़ी इलाका है। इसके बावजूद यह शहर शिमला, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित देश के कई राज्यों और जिलों से, कई मार्गों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। यहां निकटतम जो रेलवे स्टेशन है वह चक्की बैंक और पठानकोट है।

(Chamba)चंबा में गर्मियों के महीने में तापमान अधिकतम लगभग 38 डिग्री सेल्सियस यानी 100 डिग्री फारेनहाइट तक और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस से 59 डिग्री फारेनहाइट तक रहता है। वहीं सर्दियों में यहां का तापमान अधिकतम 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 0 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है।

 गर्मियों में यहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और सर्दियों में -1 डिग्री सेल्सियस तक भी दर्ज किया गया है।

 यहां मार्च से जून का महीना चंबा की यात्रा के लिए बहुत ही अच्छा समय माना जाता है चंबा शहर में औसत वार्षिक वर्षा 785.84 मिलीमीटर होती है।

 Champavati temple Chamba Himachal Pradesh चंपावती मंदिर चंबा हिमाचल प्रदेश

 

इस ऐतिहासिक चम्पावती मंदिर का निर्माण तत्कालीन राजा साहिल वर्मन ने अपनी बेटी चम्पावती की याद में करवाया था।

 यह मंदिर शिखर शैली में पत्थर की नक्काशी के साथ बनाया गया है।

 चंपावती मंदिर चंबा में पुलिस चौकी और पोषाहार भवन के पास स्थित है।

 मंदिर में देवी महिषासुर मर्दिनी जो दुर्गा का एक रूप है, की मूर्ति की पूजा की जाती है।

 इस मंदिर का रखरखाव भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के द्वारा किया जाता है, क्योंकि यह मंदिर ऐतिहासिक है और पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

 चंपावती मंदिर आध्यात्मिक दृष्टि से और धार्मिक दृष्टि से एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। लोग यहां अपनी आस्था के साथ मन्नत मांगने आते हैं। पूजा अर्चना करते हैं और चंपावती माता का आशीर्वाद लेने यहां आते हैं।

 चंपावती मंदिर में देवी दुर्गा माता के अवतार महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति स्थापित है। इस मंदिर को जो सबसे खास बनाती है, वह है इसकी शिखर शैली की वास्तुकला।

 इस मंदिर में पत्थर की नक्काशीदार दीवारें हैं, जो मूर्तियों से भरी हुई है और मंदिर की छत पर एक बड़ा पहिया है, जो इसकी सुंदरता और आकर्षण को और अधिक बढ़ा देता है।

 Lakshmi Narayan Mandir Chamba Himachal Pradesh लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा हिमाचल प्रदेश

 

लक्ष्मी नारायण मंदिर वैष्णव संप्रदाय को समर्पित है।

 मंदिर परिसर में मुख्य मूर्ति श्री लक्ष्मी नारायण जी की है। इस मंदिर का निर्माण राजा साहिल वर्मन ने 10 वीं शताब्दी में करवाया था।

 इस मंदिर में एक शिकारा और एक गर्भग्रह है। मंदिर के मुख्य द्वार पर विष्णु के वाहन गरुड़ की एक धातु की आकृति बनी है।

 राजा छत्र सिंह द्वारा मंदिर की छत पर शिखर को सोने की परत चढ़ाई गई जिससे मंदिर का आकर्षण और भी अधिक बढ़ गया था।

लक्ष्मी नारायण मंदिर आर्किटेक्ट का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी का है और भगवान विष्णु और भगवान शंकर को समर्पित है।

 यह बहुत ही पुराना और बड़ा मंदिर है।

 इस मंदिर परिसर में गौरी शंकर, शिव, और राधा कृष्ण के मंदिर भी स्थित है।

 मंदिर के अंदर भगवान विष्णु की मूर्ति है जो संगमरमर के पत्थर से बनी हुई।

 यह मंदिर सुबह 6:00 बजे खुलता है और दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे के मध्य बंद रहता है। और 8:30 बजे रात को इसे बंद कर दिया जाता है।

 डलहौजी से इस मंदिर तक पहुंचने के लिए टैक्सी किराए पर ली जा सकती हैं।

 Hari Rai Mandir Chamba हरि राय मंदिर चंबा

 

हरि राय मंदिर भगवान विष्णु का मंदिर है और यह चंबा का प्रमुख मंदिर है। इसमें भगवान विष्णु अपने तीन अवतार मानव, सूअर और शेर के रूप में नजर आते हैं।

 मंदिर बहुत ही खूबसूरत और दर्शनीय प्रतीत होता है और भगवान की मूर्ति पूरी तरह से सुसज्जित नजर आती है।

 इसमें अंगूठियां, बाजू, मुकुट, मनके, हार, कुंडल सब कुछ भगवान विष्णु की मूर्ति को पहनाए गए हैं जो कि बहुत ही आकर्षक नजर आती है।

 इस मूर्ति में भगवान विष्णु रथ पर सवार हैं और यह रथ छह घोड़ों का है। यह मंदिर शिकारा शैली में बना हुआ है।

 इसके अलावा भी मंदिर में भगवान शिव, सूर्य, देवी उमा, नंदी की मूर्तियां भी हैं।

 

Sui Mata Mandir Chamba सुही माता मंदिर चंबा

 

 

चंबा अपने उत्सव और त्योहारों के लिए भी प्रसिद्ध है ।यहां पर राजकुमारी सुही की याद में हर साल मार्च-अप्रैल में 4 दिनों के लिए सुही माता उत्सव का आयोजन किया जाता है। सुही माता, चंबा के लोगों के लिए अपने जीवन का बलिदान देने के लिए जानी जाती हैं।

 इसी तरह से एक और त्योहार मनाया जाता है जिसे मिंजर उत्सव कहा जाता है। यह त्यौहार मक्के की फसल की कटाई के समय मनाया जाता है। मक्का क्षेत्र की मुख्य फसल है, तो स्थानीय लोग अपनी कड़ी मेहनत के बाद प्राप्त होने वाली फसल के लिए खुशी जाहिर करने के लिए इस त्योहार को मनाते हैं।

 Chamunda Devi Mandir Chamba चामुंडा देवी मंदिर चंबा

 

चामुंडा देवी का मंदिर चंबा शहर में शाह मदार पर्वत श्रंखला की चोटी पर स्थित है।

 इस मंदिर का निर्माण राजा उम्मेद सिंह ने करवाया था और 1762 में यह मंदिर बनकर तैयार हुआ था। 

यह एक मंजिला मंदिर है जिसकी छत लकड़ी की बनी हुई है। 

यह मंदिर एक ऊंचे उठे हुए चबूतरे पर बनाया गया है और यह एक आयताकार खाखे की तरह नजर आता है। 

इस मंदिर के अग्रभूमि पर एक मंडप है, जिसके केंद्र में एक अग्नि कुंड है। यह अग्नि कुंड लकड़ी से बनी छत से ढका हुआ है।

 

Akhand Chandi Mahal Chamba अखंड चंडी महल चंबा

 

अखंड चंडी पैलेस राजा उम्मेद सिंह के द्वारा 1747 और 1765 के बीच बनवाया गया था।

 यह महल अपनी विशिष्ट हरि छत के लिए प्रसिद्ध है।

 इस पैलेस को राजा उम्मेद सिंह ने अपने निवास के रूप में इस्तेमाल किया था। बाद में राजा श्याम सिंह ने ब्रिटिश इंजीनियरों की मदद से इसका नवीनीकरण करवाया।

 1879 में दरबार हॉल जिसे मार्शल हॉल भी कहा जाता है, बनाया गया था।

 राजा भूरी सिंह ने शाही महिलाओं का निवास स्थान जिसे जनाना महल कहा जाता है, इसमें बनवाया।

 इस महल में मुगल और ब्रिटिश स्थापत्य के मिश्रण का प्रभाव देखने को मिलता है।

 1973 में चंबा के शाही परिवार ने इस महल को हिमाचल प्रदेश सरकार को बेच दिया। बाद में इस महल को एक सरकारी कॉलेज और जिला पुस्तकालय में बदल दिया गया।

 Banni Mata temple Chamba बन्नी माता मंदिर चंबा

 

बन्नी माता का मंदिर हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसे शहर चंबा में स्थित है। 

बन्नी माता मंदिर को महाकाली बन्नी माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर देवदार के घने वृक्षों से घिरी चंबा घाटी में पीर पंजाल रेंज में 8500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

 यह एक प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर है इसमें लोगों की गहरी आस्था है।

हिंदू धर्म में देवी काली को समर्पित यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र है, वही बाहर से आने वाले लोगों के लिए एक पर्यटन स्थल के रूप में भी अपनी पहचान रखता है।

chamba map

 

 

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